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सेक्स पॉवर, नपुंसकता, शीघ्रपतन के लिए कौंच के बीज!!

सेक्स पॉवर, नपुंसकता, शीघ्रपतन के लिए कौंच के बीज!!
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जिन खिलाडि़यों की मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है, उन के लिए भी कौंच का इस्तेमाल मुफीद होता है। इस के बीजों के इस्तेमाल से याद रखने की कूवत बढ़ती है। वजन बढ़ाने में भी कौंच का इस्तेमाल कारगर साबित होता है। इस के अलावा गैस, दस्त, खांसी, गठिया दर्द, मधुमेह, टीबी व मासिकधर्म की तकलीफों के इलाज के लिए भी कौंच के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

इस का वानस्पतिक नाम मुकुना प्रूरिएंस है और यह फाबेसी परिवार का पौधा है। बात हो रही है कौंच की जो भारत के लोकप्रिय औषधीय पौधों में से एक है। यह भारत के मैदानी इलाकों में झाडि़यों के रूप में फैली हुई होती है। इस झाड़ीय पौधे की पत्तियां नीचे की ओर झुकी होती हैं। इस में झुके हुए गहरे बैगनी रंग के फूलों के गुच्छे निकलते हैं, जिस में करीब 6 से 30 तक फूल होते हैं। इस पौधे में सेम जैसी फलियां लगती हैं। कौंच के पौधे के सभी भागों में औषधीय गुण होते हैं। इस की पत्तियों, बीजों व शाखाओं का इस्तेमाल दवा के तौर पर किया जाता है। ज्यादातर कौंच का इस्तेमाल लंबे समय तक सेक्स की कूवत बरकरार रखने के लिए किया जता है।

कौंच के गुण

कौंच वीर्यवर्धक, मधुर, पुष्टिकारक, भारी, वातनाशक, बलदायक और कफ, पित्त तथा रुधिरवकार नाशक है। इसके बीज वात नाशक और अत्यंत वाजीकारक हैं। यह कृमिनाशक, कामोद्दीपक, कसैले, टॉनिक है। यह प्रजनन अंगों के लिए सबसे अच्छा टॉनिक और कामोत्तेजक है।

आयुर्वेदिक गुण

  • रस (स्वाद): तिक्त, मधुर
  • गुण (विशेषताएँ): गुरु/भारी, रुक्ष/सूखा, स्निग्ध/चिकना,
  • वीर्य (शक्ति): शीत/ठंडा
  • विपाक (पाचन के बाद प्रभाव): मधुर

आयुर्वेदिक कर्म

  • कफ शामक
  • वात नाशक
  • रक्त दोष हर
  • बल्य, पुष्टिकारक, वीर्यवर्धक
  • वाजीकारक (रिप्रोडक्टिव टॉनिक / कामोद्दीपक)

कौंच के बीजों का इस्तेमाल

  • कौंच के बीजों का इस्तेमाल करने के लिए उन को दूध या पानी में उबाल कर उन के ऊपर का छिलका हटा देना चाहिए। इस के बाद बीजों को सुखा कर बारीक चूर्ण बना लेना चाहिए। इस चूर्ण की 5 ग्राम मात्रा को मिश्री व दूध में मिला कर रोज सुबहशाम इस्तेमाल करने से मर्दों के अंग का ढीलापन और शीघ्रपतन का रोग दूर होता है।
  • कौंच के बीजों के साथ सफेदमूसली और अश्वगंधा के बीजों को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ मिला कर बारीक चूर्ण तैयार कर के सुबहशाम 1 चम्मच मात्रा दूध के साथ लेने से मर्दों की तमाम सेक्स संबंधी दिक्कतों को दूर किया जा सकता है।
  • कौंच के बीजों के साथ शतावरी, गोखरू, तालमखाना, अतिबला और नागबला को एकसाथ बराबर मात्रा में मिला कर बारीक चूर्ण तैयार कर के इस चूर्ण को मिश्री मिला कर 2-2 चम्मच चूर्ण सुबह और शाम के वक्त दूध के साथ रोज लेने से मर्द के अंग की कूवत बढ़ती है। सोने से 1 घंटा पहले इस चूर्ण को कुनकुने दूध के साथ लेने से जिस्मानी संबंध बेहतर होते हैं।
  • कौंच के बीजों के साथ उड़द, गेहूं, चावल, शक्कर, तालमखाना और विदारीकंद को बराबर मात्रा में ले कर बारीक पीस कर दूध मिला कर आटे की तरह गूंध कर इस की छोटीछोटी पूडि़यां बना कर गाय के घी में तलें, इन पूडि़यों को दूध के साथ खाने से भी काफी फायदा होता है।
  • 100-100 ग्राम कौंच के बीज, शतावरी, उड़द, खजूर, मुनक्का, दाख व सिंघाड़ा को मोटा पीस कर 1 लीटर दूध व 1 लीटर पानी मिला कर हलकी आग में पकाएं, गाढ़ा होने पर आंच से उतारें और ठंडा होने पर छानें. इस में 300-300 ग्राम चीनी, वंशलोचन का बारीक चूर्ण और घी मिलाएं। इस मिश्रण की 50 ग्राम मात्रा में शहद मिला कर रोजाना सुबहशाम खाने से बल बढ़ता है।

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