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मांसपेशियों में खिंचाव कारण एवं उपचार!!

मांसपेशियों में खिंचाव कारण एवं उपचार!!
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मांसपेशियों में खिंचाव से पीड़ित रोगी की मांसपेशियों में खिंचाव होने लगती है और यह रोग शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है लेकिन फिर भी यह रोग अधिकतर पैरों में होता है।

मांसपेशियों में खिंचाव होने का कारण

मांसपेशियों में खिंचाव होने का सबसे प्रमुख कारण शरीर में विटामिन `बी`, `डी` कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम तथा प्राकृतिक लवणों की कमी होना है।
शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी होने के कारण भी मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है।
मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन तथा अन्य मनोंवैज्ञानिक कारण से भी यह यह रोग हो सकता है।
शरीर में सही तरीके से हारमोन्स का स्राव न होने के कारण भी मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है।
शरीर में अधिक कमजोरी होने के कारण भी मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है।

मांसपेशियों में ऐंठन का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार

खूब पानी पियें
शरीर में पानी की कमी ना होने दें। शरीर में पानी की कमी से भी पैर की उंगलियों सहित कई अंगों की मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। खासतौर पर व्यायाम के समय जब पसीना बहुत ज्यादा बहता है, तब खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो अत्यधिक इलेक्ट्रोलाइट्स के कारण मांसपेशियों में ऐंठन होती है। वहीं दूसरी और यदि शरीर ज्यादा हाइड्रेट हो जाए तो भी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। इसलिए हाइड्रेशन को संतुलित रखें। इसके लिए छोटे व्यायाम सत्र में थोड़ा-थोड़ा कर पानी पियें और लंबे व्यायाम सत्र के दौरान डायलूट स्पोर्टस ड्रिक उपयुक्त होता है। अापको दिन में भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहने की आदत डालनी चाहिये, खासतौर पर सोने से पहले। क्योंकि सोते समय शरीर काफी तरल खोता है।

मिनरल्स की कमी ना होने दें
शरीर में मिनरल्स की कमी बिल्कुल न होने दें। मांसपेशियों में ऐंठन या अचानक दर्द मिनरल्स जिसे कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम की वजह से होता है। इसलिए हमें रोज जरुरत के हिसाब से कैल्शियम के 1000 मिलीग्राम और पोटेशियम की 4.7 ग्राम मात्रा लेनी चाहिए। विशेषकर मैग्नीशियम 400-420 मिलीग्राम पुरुषों के लिए और 310-320 मिलीग्राम महिलाओं के लिए आवश्यक होता है। केलों में उच्च मात्रा में पोटेशियम होता है, साथ ही कच्चे एवकाडो, भुने आलू, पालक और वसा मुक्त या स्किम्ड दूध भी इसके अच्छे श्रोत होते हैं। आप इन्हें भी अपनी डाइट में शामिल कर सकतें हैं। साथ ही पोटेशियम और कैल्शियम का भी सेवन करें। दोनों मिनरल्स शरीर में तरल पदार्थ बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इसके लिए पोटेशियम से भरपूर भोजन, जैसे केला, अंडा, और मछली और कैल्शियम के लिए फैट फ्री दूध या दही का सेवन करें।

मालिश करें
शरीर की मालिश करें (खासतौर पर पैरों की)। पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन होने पर उन्हें गर्म पानी में भिगोयें। मालिश करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। ये मांसपेशियों में ऐंठन से बचने के एककारगर और आसान तरीका है। इससे शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है और ऐंठन की संभावना कम हो जाती है। मालिश के लिए आप कोई भी सोम्य तेल प्रयोग कर सकते हैं।

रोज़ व्यायाम और स्ट्रेच करें
रोज़ थोड़ा व्यायाम करें। दिन में रोज़ पैरों और शरीर की स्ट्रेचिंग करें। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और ऐंठन होने की संभावना भी कम होती है। अगर पैर में ऐंठन रात के समय हो तो पैरों को धीरे से स्ट्रेच करें। इससे आपके पैरों का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है और मांसपेशियों में ऐंठन नहीं होती।

अन्य उपाय

  • मांसपेशियों में ऐंठन से पीड़ित रोगी को अपना उपचार करने के लिए संतुलित भोजन करना चाहिए। जिसमें फल, सलाद तथा अंकुरित अन्न की भरपूर मात्रा हो उसका सेवन करना चाहिए।
  • मांसपेशियों में ऐंठन से पीड़ित रोगी को वह भोजन अधिक सेवन करना चाहिए जिसमें मैगनीशियम तथा कैल्शियम की मात्रा अधिक हो।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, मट्ठा, खुमानी तथा तिल का भोजन में अधिक सेवन करना चाहिए। इसके फलस्वरूप रोगी की मांसपेशियों में ऐंठन रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
  • मांसपेशियों में ऐंठन से पीड़ित रोगी को खट्टे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • प्रतिदिन आंवले का रस पीने से रोगी को बहुत अधिक लाभ होता है।
  • दूध में तिल को मिलाकर पीने से मांसपेशियों में ऐंठन का रोग कुछ ही दिनों में ही ठीक हो जाता है।

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स्रोत - ओनली आयुर्वेद
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