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स्वपन दोष से बचने के लिए कुछ घरेलु उपाय।

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आज का युवा चाहे वो स्त्री हो या पुरुष उत्तेजक किताबे फिल्मे देख कर गर्त में डूब रहा हैं, अपनी बहुमूल्य शक्ति को हस्त मैथुन से या स्वपन दोष से ज़रिये खत्म कर रहा हैं। और ऐसे लोगो को भविष्य में अनेका अनेक व्याधियों का सामना करना पड़ता हैं, जिसमे विशेषकर नपुंसकता, बांझपन इत्यादि हैं। ये हमारे देश का दुर्भाग्य ही हैं के एक समय में स्कूल और गुरुकुलों में ब्रह्मचर्य पर शिक्षा दी जाती थी, और आज उनको इसके विपरीत सेक्स के विषय में सिखाया जाता हैं। और ऐसे भांड कलाकार जो इसका प्रचार करते हैं वो आज युवाओ के रोल मॉडल हैं। अगर आप अपनी आने वाली पीढ़ी को बचाना चाहते हैं तो आपको बदलना होगा। उन सब युवाओ को अपने भविष्य को बचाने के लिए अपने जीवन आदर्श बदलने होंगे।

इसी कड़ी में आज आपको बता रहे हैं स्वपन दोष की बीमारी के बारे में, मगर एक बात ध्यान रखे के ये तभी संभव हो सकता हैं जब आप अपने मन में किन्ही उत्तेजक विचारो के बजाये सतोगुणी विचार रखे, अन्यथा ये उपाय निष्क्रिय हैं।

1. धनियाः

धनिया व मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर बने हुए चूर्ण को 5 ग्राम की मात्रा में लेकर ताजा ठंडे पानी के साथ सुबह के समय रोजाना लगभग एक सप्ताह तक इस्तेमाल करने से रोजाना होने वाला स्वप्नदोष समाप्त हो जाता है तथा पेशाब करने वाली नली में दर्द होना, उपदंश और सूजाक आदि रोगों से छुटकारा मिलता है।

2. जामुनः

जामुन की गुठली का चूर्ण 4 ग्राम की मात्रा में लेकर शाम के समय लगभग 15 दिनों तक सेवन करते रहने से स्वप्नदोष के अधिक हो जाने के कारण शरीर में कमजोरी आ गई हो तो वह दूर हो जाती है। इस मिश्रण के सेवन करते रहने तक खट्टी चीजों का इस्तेमाल न करें।

3. लहसुनः

एक कली लहसुन रात को सोते समय चबाते हुए ताज़े पानी से निगल जाएं। इसके तुरंत बाद कुछ भी नहीं खाना चाहिए। कुछ समय के बाद ही स्वप्नदोष की समस्या समाप्त हो जाएगी।

4. जौः त्रिफला

(हरड़, बहेड़ा तथा आंवला) और जौ को रात के समय भिगोकर रख दें। इसके बाद अगले दिन सुबह के समय इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर पी लें। इससे स्वप्नदोष के रोग दूर हो जाते हैं।

5. इमलीः

दूध में इमली के बीजों को भिगोकर इमली की निकाली हुई गिरियों में बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर अच्छी तरह से कूट-पीसकर मटर के दाने की तरह गोलियां बनाकर अपने पास रख लें। इसके बाद समान मात्रा में 1-1 गोली कुछ दिनों तक प्रयोग करते रहने से स्वप्नदोष जैसी समस्या समाप्त हो जाती है। इस मिश्रण का सेवन करते रहने तक तले-भूने तथा अधिक मिर्च-मसालों वाले पदार्थों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

6. गाय का दूधः

लगभग आधा किलो गाय के दूध में 3 छुहारे लेकर उसमें जरूरत के अनुसार मिश्री मिलाकर इसे अच्छी तरह से पका लें। जब दूध केवल आधा रह जाए तो छुहारे की गुठली निकालकर छुहारे को खा लें और उस दूध को पी लें। इस तरह से इस दूध का कुछ दिनों तक सेवन करते रहने से स्वप्नदोष जैसे होने वाले रोग व सभी प्रकार के वीर्य के गिरने वाले रोगों की समस्या समाप्त हो जाती है और शरीर में वीर्य की भी बढ़ोत्तरी होती है।

नोटः- इस उपाय को सदा सर्दी के दिनों में ही करना चाहिए तथा विशेषरुप से कभी भी यह उपाय विद्यार्थियों को नहीं करना चाहिए।

7. केलेः

3-4 बूंदें असली शहद की पके केले की फली में डालकर सुबह सूर्योदय से पहले खाने से स्वप्नदोष के साथ अनेक वीर्य संबंधी रोग समाप्त हो जाते हैं और वीर्य भी अधिक मात्रा में गाढ़ा बन जाता है। इस मिश्रण का इस्तेमाल विस्तारपूर्वक करना चाहिए।

8. त्रिफलाः

शहद में त्रिफला का चूर्ण मिलाकर खाने से स्वप्नदोष जैसे रोग खत्म हो जाते हैं। लेकिन जिन लोगों का स्वभाव अधिक गर्म रहता हो उन लोगों को शहद की जगह पर मिश्री का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर इसके अलावा चीनी मिला हुआ रस दे दिया जाए तो अधिक लाभ प्राप्त होगा।

9. देशी फूलः

देशी फूल की मुलायम कच्ची पत्तियों को लेकर छाया में सुखा लें। फिर इसमें इसके बराबर मिश्री मिला लें। इन सबको मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें और इसे एक कांच की शीशी में डालकर रख दें। इस चूर्ण को 5-6 ग्राम की मात्रा में लेकर ताजे पानी से सुबह-शाम के समय रोजाना सेवन करने से स्वप्नदोष दूर होता है।

10. गुलाब के फूलः

ताजे गुलाब के फूल की 5-6 पंखुड़ियां लेकर उसमें मिश्री को मिलाकर सुबह और शाम के समय चबाकर खा लें। फिर इसके ऊपर गाय का दूध पी लें। इस तरह से रोजाना सेवन करते रहने से स्वप्नदोष का रोग समाप्त हो जाता है।

11. बादामः
1 पीस बादाम गिरी, थोड़ा सा मक्खन तथा 3-3 ग्राम गिलोय- इन सभी को बराबर की मात्रा में मिलाकर इसमें 7-8 ग्राम शहद मिलाकर एक समान भाग बना लें। इस मिश्रण को 8 से लेकर 10 दिनों तक सुबह और शाम के समय प्रयोग करने से स्वप्नदोष के रोग समाप्त हो जाते हैं।

12. आंवलाः

स्वप्नदोष के रोग को दूर करने के लिए 6 ग्राम आंवले के चूर्ण में शहद मिलाकर खा लें। इसके बाद ऊपर से इसमें मिश्री मिलाकर पानी पी लेना चाहिए।

13. इलायचीः

आधा ग्राम छोटी इलायची के पीसे हुए दाने, 3 ग्राम सूखे हुए धनिये का चूर्ण और 2 ग्राम कूटी हुई बारीक मिश्री- इन सभी पदार्थों को अच्छी तरह से मिलाकर इसकी समान मात्रा में पुड़िया बना लें। इस मिश्रण को सुबह के समय ताजे पानी के साथ सेवन करते रहें। इसका सेवन करते रहने से स्वप्नदोष के रोग में जल्दी ही लाभ मिलता है।

14. पीपल की छालः

पीपल की छाल का चूर्ण 3 ग्राम, इलायची का चूर्ण आधा ग्राम और बंग भस्म चौथाई ग्राम- इन चारों को एक साथ मिलाकर नियमित रुप से इस्तेमाल करें। इसका प्रयोग करने से रात को होने वाले स्वप्नदोष खत्म हो जायेंगे।

15. चोबचीनीः

आधा चम्मच मिश्री, आधा चम्मच चोबचीनी का चूर्ण तथा आधा चम्मच देशी घी- इन सबको ठीक तरह से मिलाकर सुबह के समय खाली पेट इस्तेमाल करना चाहिए।

16. सेमन की छाल :-

10 ग्राम सेमन की छाल दूध में पीसकर उसमे मिश्री मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से वीर्यदोष, स्वपनदोष, दिमाग की कमज़ोरी सब दूर होती हैं।

17. बरगद का दूध :-

2 बूँद बरगद के पत्तो का दूध बताशे में मिला कर नियमित सेवन करने से स्वपन दोष और वीर्य सम्बंधित अनेक रोग सही होते हैं।

18. नीम के पत्ते

हर रोज़ 2 पत्ते नीम के चबा चबा कर खाने से कभी स्वपन दोष नहीं होगा.

Source - ALLAYURVEDIC.ORG

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