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इन कारणों और कामो को करने से होती है मर्दाना कमजोरी!!

इन कारणों और कामो को करने से होती है मर्दाना कमजोरी
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मर्दाना कमजोरी उस परिस्थिति को कहा जाता है, जब पुरुष का यौन अंग संबंध बनाने के लिए ऊर्जा नहीं जुटा पाता या बनाए नहीं रख पाता। हर पुरुष अपने जीवन में कभी न कभी इस तरह की समस्या से गुजरता है। नपुंसक शब्द उन पुरुषों के लिए प्रयोग किया जाता है, जो यौन संबंध बनाने के 75 प्रतिशत मौकों पर मर्दाना ताकत बनाए नहीं रख पाते।

दिल के रोगों से

दिल के रोगों से मर्दाना कमजोरी का खतरा रहता है। मर्दाना कमजोरी दिल के रोगों का संकेत भी हो सकती है। मर्दाना कमजोरी से पीडित ऐसे पुरुष जिनमें पेल्विक ट्रॉमा और दिल के रोगों के कोई लक्षण नहीं हैं, उन्हें यौन कमजोरी का इलाज करवाने से पहले दिल के रोगों की जांच करवा लेनी चाहिए, क्योंकि यौन संबंधों से दिल के रोगों का संबंध होता है।

ज्यादा साइकिल चलाने से

प्रमुख तौर साइकिल चलाने की वजह से होने वाली मर्दाना कमजोरी साइक्लिंग से जुड़े पेशेवर लोगों में पाई गई है। सप्ताह में तीन घंटे से ज्यादा साइकिल चलाने से यौन (मर्दाना) रूप से कमजोरी हो सकती है। जो लोग सप्ताह में तीन घंटे से ज्यादा साइकिल चलाते हैं, उन्हें उन्हें झुकी हुई अवस्था में साइकिल चलाना चाहिए न कि सीधे रह कर। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 540 किलोमीटर की साइकिल दौड़ में भाग लेने वाले नॉर्वे के एक पुरुष में यह समस्या पाई गई। मर्दाना अंग का सुन्न या असंवेदनशील होना लिंग की नसों पर दबाव होने की वजह से होता है, जबकि मर्दाना कमजोरी का कारण यौन अंगों की धमनियों में ऑक्सीजन की कमी होता है। शौकिया साइकिल चलाने वाले लोग, जो सप्ताह में तीन घंटे से कम साइकिल चलाते हैं और झुकी हुई अवस्था में साइकिल चलाने वाले लोगों के यौन अंग की नसों और धमनियों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता और उन में साइक्लिंग की वजह से होने वाले यौन दुष्प्रभाव की संभावना कम होती है। बिल्कुल सीधे रह कर लगातार साइकिल चलाने से अंग में ऑक्सीजन का बहाव कम हो सकता है, जो 10 मिनट तक कम रह सकता है।

दवाओं के साइड इफेक्ट से

आम तौर पर दी जाने वाली 12 में से आठ दवाओं के साइड इफेक्ट में मर्दाना कमजोरी शामिल है। एक अनुमान के मुताबिक, मर्दाना कमजोरी के 25 प्रतिशत मामले दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव की वजह से होते हैं।

जननांगों पर दबाव से

जननांगों पर लगातार दबाव या मर्दाना अंग की धमनियों में रक्त का बहाव उचित तरीके से न होने से अंग में असंवेदनशीलता या नपुंसकता हो सकती है।

अवसाद, तनाव से

अवसाद, तनाव और इसके इलाज के लिए प्रयोग होने वाली दवाओं के असर से भी मर्दाना कमजोरी हो सकती है।

स्ट्रोक, रीढ़ की हड्डी या पीठ की चोट, मल्टीपल स्क्लेरॉसिस और डिमेंशिया जैसे नाड़ीतंत्र के रोग भी मर्दाना कमजोरी का कारण बन सकते हैं।

Source - ALLAYURVEDIC.ORG

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