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पुरुषो में मूत्राशय का कैंसर होने के लक्षण

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अगर आपके अंडकोषों में अनियंत्रित रूप से वृद्धि हो रही हैं तो आप को इसके बारे में पूरा सचेत होने की ज़रूरत हैं। हालांकि कई बार ये वृद्धि वायु प्रकोप के कारण भी हो सकती हैं। इसलिए घबराने की भी ज़रूरत नहीं हैं। मगर इसके साथ अगर अन्य कारण भी दिखे तो आप ज़रूर किसी चिकित्सक से परामर्श करे।

मूत्राशय के कैंसर के संभावित लक्षण ।

अंडकोषों में सेल्‍स के अनियंत्रित विकास से हो सकता है मूत्राशय का कैंसर।
टेस्टिकल्‍स के साइज में बदलाव या गांठ होना, ये भी हो सकता है कैंसर का एक लक्षण।
पेशाब करने में परेशानी होना और पेशाब के साथ खून निकलना भी इसका संकेत हो सकता है।
मूत्राशय कैंसर होने पर पेट के निचले हिस्से और पीठ में भी दर्द रहता है।

अंडकोष की थैली में पुरुषों की सेक्‍स ग्रंथियां होती हैं जो टेस्‍टोस्‍टेरॉन और अन्‍य हार्मोन का उत्‍पादन करती हैं। यह थैली प्रजनन कोशिकाओं के लिए भी जिम्‍मेदार है।

आइये जाने मूत्राशय के कैंसर के संभावित लक्षणों को विस्तार में।

अंडकोष में गांठ का होना

मूत्राशय कैंसर में यदि किसी प्रकार की कोई गांठ है तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है। टेस्टिकल्स में किसी भी प्रकार की गांठ, यह गांठ सामान्‍यतया मटर के दाने जितनी होती है या उससे भी बड़ी हो सकती है।

अंडकोष के आकार में बदलाव

मूत्राशय कैंसर होने पर अंडकोष में बदलाव होता है। इसके फलस्‍वरूप टेस्टिकल्स में सिकुड़न या उसमें किसी भी प्रकार का इनलार्जमेंट होने लगता है। यदि ऐसा कोई लक्षण आपको दिखे तो यह मूत्राशय कैंसर हो सकता है। इसके अलावा टेस्टिकल्‍स में कठोरता भी आ सकती है।

अंडकोष का भारी या सख्‍त होना

मूत्राशय कैंसर होने पर स्क्रोटम या टेस्टिकल्‍स में भारीपन आ सकता है। इसकी वजह से व्‍यक्ति को उसका अंडकोष भारी लगने लगता है। अंडकोष का सख्‍त होना भी मूत्राशय कैंसर का लक्षण हो सकता है।

अंडकोष से रक्‍त आना

मूत्राशय कैंसर होने पर पेशाब करने में दर्द होता है, इसके अलावा मूत्र के साथ खून भी निकलता है। यदि आपको पेशाब करने में दिक्‍कत हो रही हो या मूत्र के साथ खून निकल रहा हो तो यह मूत्राशय कैंसर का लक्षण हो सकता है।

मूत्राशय कैंसर का पता लगाने के लिए सेल्फ इक्ज़ामिनेशन ज़रूरी हैं। आप अपने टेस्टिकल्स (अंडकोषों) में होने वाले बदलावों के बारे ध्यान दीजिये । यदि आपको ऐसे लक्षण दिखें तो चिकित्‍सक से तुरंत संपर्क करें।

Source - ALLAYURVEDIC.ORG

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